भोजपुरी साहित्य

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जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी चार गो भूतन से भेंट

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आयी पढ़ल जाव जगदीश खेतान जी के लिखल एगो बेहतरीन भोजपुरी कहानी चार गो भूतन से भेंट:- रउवा लोग अपने जीवन मे भूत, प्रेत, चुड़ैल...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा पगली

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फसल के कटाई के बाद चारो तरफ दूर-दूर तक नजर के रोक-थाम खातिर कुछो न लऊके | आपन नजर के जहाँ तक दौड़ाई उ...
भोजपुरी लघु कथा आश के लेखक विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघु कथा आश

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आश मनुष्य मनोवृती के अटूट शक्ती, जोन कबो आपन दम न तोडे ! आश ओह समय तक दिल मे होला. जब केहु आपन के...
संजय कुमार मौर्य जी

संजय कुमार मौर्य जी के लिखल तीन गो कविता

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यह सभी रचनाएं भोजपुरी काव्य संग्रह आखर आखर जिंदगी से लिया गया है जिसके रचनाकार संजय कुमार मौर्य जी हैं। नाव लेके मिटा देला केहू नाव...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दीदीया के देवरा भोजपुरी गीत

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जब भईया के ससुरारी भऊजी रहेली ओहघरी देवरलोग कवनो ना कवनो बहाने जाला। बाकी निगाह त भऊजी के कुंवार बहीन प रहेला। ई नाता...
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल देवी गीत

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काहे निमिया नइखु बोलत, काहे सिंकिया नइखु डोलत काहे नाहीं भइलु कचनार हो .... बिलमी गइली मइया मलिया के घरवा ठहरी गइले ओहिजे चारो...
देवेन्द्र कुमार राय जी

प्रस्तुत बा देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

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भोजपुरी गीत अजबे दुखाता डभकता ता भीतरे भीतर अजबे दुखाता, बता दे दवाई केहु ना हमरा बुझाता। टेक। कवनो दवाई हमरा कामे नाहीं आवे, डाक्टर हकीम चाहे कुछुओ...
तारकेश्वर राय जी

माई क इज्जत

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बोले वाला भोजपुरी हई | ई बोली गर के माला ह || नेह से बोलब त पूड़ी मिठाई | फूहड़ गवईया खातिर भाला ह || जनमते सुनली इहे...
तारकेश्वर राय जी

नेताजी क होली

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रंगवा बदले में माहिर रउवा | रंगदारी में तू बड़ा गहिर हउवा || देसवा के लुटे में लागल बानी | बुड़ा के वादा आली नईया, भागल बानी...
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल विदाई गीत

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भोरे भोरे डोलिया में विदाई होली बिटिया अजुए से सबसे पराई होली बिटिया गाँव के इयदिया अँचरिया में लिहली माई आजू भरी अंकवरिया...
विमल कुमार जी

कान छोड़ दे हमहुं हो गइलीं सेआन रे माई

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रहलीं लइका त नोचलीस तेहुं कान रे माई कान छोड़ दे हमहुं हो गइलीं सेआन रे माई। देखि देखि हँसतारे गँउवा के लोगवा कान ध के नोचतारिस...
संजय चतुर्वेदी जी

संजय चतुर्वेदी जी के लिखल चली सभे गऊवां के ओर

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चली सभे गऊवां के ओर , जहवाँ गली-गली हीरा - मोती बरसे । बैलन के घरी- घंट जहवाँ सोहावन, गईया आ बाछा-बाछी,बड़ी मन-भावन, हर्ष – ख़ुशी से सराबोर,...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के कुछ भोजपुरी रचना

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भोजपुरी कविता भोजपुरीया के ठाट भोजपुरीया जब प्रेम से बोले हर बात लागे मधुआईल, आवते भोजपुरीया के ताव में हर बतीए लागे बघुआईल।। भोजपुरी के चले जब गोला सभ...
तारकेश्वर राय जी

दहेज प लिखल तारकेश्वर राय जी के दू गो कविता

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दहेज बाप देखीं बेटा के, बोली लगवले बा | देवे वाला ख़ुशी से, गर्दन झुकवले बा || मोल भाव होता, देखीं सपना के || शान से बेचता, केहू...
तारकेश्वर राय जी के जनमावे वाली माई

भोजपुरी कविता जनमावे वाली माई

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मॉस के लोथा के, आकार देहलस माई | आपन खूनवा से सींच के, जनमवलस माई || बोले, बतिआवे, संस्कार, देहलस माई | खूबी रिश्ता, नाता, के चिन्हवलस...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

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ननदो हमार हई घरवा के चान हो पियवा के हमरा ई जिया के परान हो, ननदो हमार हई घरवा के चान हो। झुमुकी झुमुकी जब घुमे...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

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भोजपुरी कविता काशी धाम काशी के का कहीं कहल ना जाव स्वर्ग के समान सांच गंगा में नाव। पावन पुनीत जल एहीजे भेंटाई जीनीगी बितावे के असली ह...
लाल बिहारी लाल जी

लाल बिहारी लाल जी के लिखल भोजपुरी गीत सांवरिया

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स्त्री स्वर- सांवरिया आ जइतs एक बार अंखियाँ कब से राह निहारे, नैना तड़से हमार सांवरिया आ जइतS एक बार.... पानी बिन मछरी के जइसे, तड़पी रोज पिया तोहरे...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत गोरी कहवां लगवलू गुलाल

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होली के दिन पति पत्नी में रंग के बहाने कईसे मजाक में व्यंगबाजी होता एह गीत के माध्यम से अनुभव कईल जाव:- रंगवा हरिअर गोरी...
तारकेश्वर राय जी

तारकेश्वर राय जी के लिखल भोजपुरी कविता फगुवा ह फगुवा

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पुरनकी पतईया, फेड़वा गिरावे | जइसे गिरहथ, कवनो खेतवा निरावे || नईकी पतइया बदे, जगहा बनावे | जायेके बा एक दिन, इहे समझावे || चईती फसलिया बा, गदराइल...