भोजपुरी कविता

भोजपुरी लेखक सभ के भेजल एक से एक भोजपुरी कविता के संग्रह कइल गइल बा। अगर रउवा येह पेज के पढ़ रहल बानी त रउवा सब से निहोरा बा की आपन रचना जोगीरा के जरूर भेजी, हमनी के बड़ी खुसी मिली राउर रचना अपना वेबसाइट प जोड़ के।

भोजपुरी साहित्य आ भासा के प्रसार खातिर।

सावन के कारि बदरिया

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सावन के कारि बदरिया से पूछऽतारि गोरिया कईसन बाड़े पियवा हमार गईला साल बितऽल, लिहले ना खबरिया रोज रोज खोजे उनके हमरो रे नजरिया तुही तनि खबर लियाईदऽ पड़ि हम...

ना रोअले रोआत बा ना हंसले हसात बा

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ना रोअले रोआत बा ना हंसले हसात बा मत पुछी बोझ जीन्गी के कईसे ढोआत बा कर देहलस बेभरम मंहगाई आदमी के उधार लेके जीन्गी के गाड़ी...

गिन गिन बिती गईल परब के दिन

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गिन गिन बिती गईल परब के दिन,सईया नाहीं अईले ना । अरमान भईल छिन भिन्न, सईया नाहीं अईले ना । कहि के गईले अबकी होली...

कवन खुबी पवनी भोला

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कवन खुबी पवनी भोला टुटही मड़ईया हो कवने खुबिया ना पवनी भंगिया के पतईया कवने खुबिया ना दुनिया के दिहनी भोला महल घोडा गाड़ी...

लागल कचहरी जब आल्हा के बँगला बड़े-बड़े बबुआन

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आल्हा वीर रस के गावल जाए वाला गीत ह | जेकरा के सुन के बीरन के खून खौले लागेला | || आल्हा / भोजपुरी || रचनाकार: अज्ञात लागल...

रिमझिम बरसे लागल पनिया

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लोकगीत - कजरी : धान-रोपाई के अवसर पर रिमझिम बरसे लागल पनिया, चढल सवानवा रे भवनवा, नाही आये सजनवा ना.. नाही आये सजनवा ना, नाही आये सजनवा...

कबो उनका हमसे प्यार रहे

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कबो उनका हमसे प्यार रहे हम उनकर ऊ हमार रहे अब त देख के मुँहवे फेर ले ली उ हमार ना हई सब कहे हमार गीत मे उनके...

अछूत की शिकायत

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एगो भोजपुरी के छुपल कवी जेकर नाम बा "हीरा डोम" उनकर एगो कविता के अंश इ कविता महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा संपादित ‘सरस्वती’ (सितंबर...

सूतन रहलीं सपन एक देखलीं

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सूतन रहलीं सपन एक देखलीं सपन मनभावन हो सखिया, फूटलि किरनिया पुरुब असमनवा उजर घर आँगन हो सखिया, अँखिया के नीरवा भइल खेत सोनवा त खेत भइलें आपन हो...