भोजपुरी साहित्य

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रही रही के जिअरा में लागे ला

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रही रही के जिअरा में लागे ला ठेस जी. नौकरी के चक्कर में छुट गईल देश जी. बहरा में रहत बानी हम मन मार के. दर्शन दुर्लभ...

गारी

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" गारी " - प्राचीन काल से चलल आ रहल एगो अईसन परम्परा ह जवना के लोग हिसाब से जगहि देखि के मोका प प्रयोग...

हमार भोजपुरी

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हमार भोजपुरी !! बड़का बाबा बडकी ईया (आजी ) छोटका बाबा छोटकी ईया (आजी) माई, बाबूजी, काका, चाचा -चाची, बडकी माई , बाबू , बबुआ, बचवा, बुचिया, दिदिया बहिनी,...

अधिकार खातिर लडे ला

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अधिकार खातिर लडे ला आत्मसम्मान त बा नू । आजु कुछ ना सही हथेली पर जान त बा नू ।। क ल तू अपमान जेतना भी...

कलम उगलत बा आग

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कलम उगलत बा आग, का लिखीँ? हमार देश के का बा हालात, क लिखीँ? सिसकत बा मानवता, कवनो कोना मेँ पड़ल। जकड़ले बा पईसा के मकड़जाल, का...

धरती के त नाप ही लेहम

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धरती के त नाप ही लेहम, गोड़ बढ़ावल बाकी बा। आपन वसुधा के आगे ई, दुनिया झुकावल बाकी बा। गर ना होखे विश्वास अगर त, सुन ल ए दुनिया...

सांस खातिर सरगम बेगाना भइल

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जगरनाथ(जगन्नाथ) जी के लिखल गज़ल जवन कि सन १९७७ में छपल रहे... सांस खातिर सरगम बेगाना भइल जिंदगी बस जिये के बहाना भइल गिर के उनका नज़र...

सखी रे बरसे सावन के बदरवा

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सखी रे बरसे सावन के बदरवा भिन्जे मोर अँचारवा ना ! मोर, पपिहरा के बोली,बदरा से बदरा करेला ठिठोली,कुन्हुके आमराई मे कोइलारावा भिन्जे मोरअँचारवा ना...

चलेला सब केहु कावर उठाई

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चलेला सब केहु कावर उठाई बेलवाँ पतईयाँ गंगा जलवा चढाई भोला हवे भोला उनकर अजबे बा खेला बडा निक लागेला भोला जी के ई खेला बोल बम के...

हियरा में उठत हिलोर

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हियरा में उठत हिलोर,पिया हो, अइसे जनि ताकऽ लहके अगिन पोरेपोर,पिया हो, अइसे जनि ताकऽ छुइ जाला देहिया,अङरि जाला मनवां छोट लागे घर,छोट लागे असमनवां! प्रनवा के देला झकझोर,पिया हो, अइसे...

दुखवा के बतिया लिखत बानी

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दुखवा के बतिया, लिखत बानी पतिया में, लोरवा गिरेला दिन रतिया सहेलिया. लगन देखि शादी भईल, पोथियो भी झूठ भईल, धूल में सोहाग मिल गईल रे सहेलिया. मईलअ...

सृष्टि में स्वर्ग जो अगर बाटे

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सृष्टि में स्वर्ग जो अगर बाटे देश भारत हमार घर बाटे छांह एकर बा हिमालय पर्वत बाड़ बाड़ब के त लहर बाटे। फूल फल पेड़...

छोडी के गईल पिया जहिया से

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छोडी के गईल पिया,जहिया से विदेशवा हो मनवा लागत नईखे, हरदम खोजेला तोहार साथ,मनवा लागत नईखे, चले जब सर सर बयरिया हो,लागे अईब पिया घरवा हो,मनवा लागत...

सावन के कारि बदरिया

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सावन के कारि बदरिया से पूछऽतारि गोरिया कईसन बाड़े पियवा हमार गईला साल बितऽल, लिहले ना खबरिया रोज रोज खोजे उनके हमरो रे नजरिया तुही तनि खबर लियाईदऽ पड़ि हम...

ना रोअले रोआत बा ना हंसले हसात बा

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ना रोअले रोआत बा ना हंसले हसात बा मत पुछी बोझ जीन्गी के कईसे ढोआत बा कर देहलस बेभरम मंहगाई आदमी के उधार लेके जीन्गी के गाड़ी...

गिन गिन बिती गईल परब के दिन

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गिन गिन बिती गईल परब के दिन,सईया नाहीं अईले ना । अरमान भईल छिन भिन्न, सईया नाहीं अईले ना । कहि के गईले अबकी होली...

कवन खुबी पवनी भोला

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कवन खुबी पवनी भोला टुटही मड़ईया हो कवने खुबिया ना पवनी भंगिया के पतईया कवने खुबिया ना दुनिया के दिहनी भोला महल घोडा गाड़ी...

लागल कचहरी जब आल्हा के बँगला बड़े-बड़े बबुआन

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आल्हा वीर रस के गावल जाए वाला गीत ह | जेकरा के सुन के बीरन के खून खौले लागेला | || आल्हा / भोजपुरी || रचनाकार: अज्ञात लागल...

रिमझिम बरसे लागल पनिया

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लोकगीत - कजरी : धान-रोपाई के अवसर पर रिमझिम बरसे लागल पनिया, चढल सवानवा रे भवनवा, नाही आये सजनवा ना.. नाही आये सजनवा ना, नाही आये सजनवा...

कबो उनका हमसे प्यार रहे

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कबो उनका हमसे प्यार रहे हम उनकर ऊ हमार रहे अब त देख के मुँहवे फेर ले ली उ हमार ना हई सब कहे हमार गीत मे उनके...