बलिदानी कुंवर सिंह
रन से बन ले अमर गगन में,
गुंजत इहे कहानी बा।
एह सुराज के ताज पहिलका,
कुंवर सिंह बलिदानी बा।
जेकर बलि बिरथा ना भारत,
माई फिर महरानी बा।
रंग...
खिचड़ी के खम्भा पर अड़ल शिक्षा
खिचड़ी के खम्भा पर अड़ल शिक्षा
गरीब लइकन में बाँटाता दीक्षा
मध्यान्ह भोजन के
जवन मोल होला पंचर ट्रक के टायर के टोचन के
बस उहे बुझीं दुपहर...
ना अबकी ऊ गाँव मिलल
ना अबकी ऊ गाँव मिलल..
गली मिलल गाँवन कै सुनी
मेंड़ रहल खेतन कै टूटल
सब रहल बदलल-बदलल
ना अबकी ऊ गाँव मिलल।
न मिलने अबकी रामू काका
काकी चूल्हा...
हमनी के छोड़ी के नगरिया ए बाबा
हमनी के छोड़ी के नगरिया ए बाबा
कि आरे बाबा छोरि दिहलें घर परिवार कवन बनवा माई गईली हो
हमनी के छोरि के नगरिया ए बाबा
कि...
गाँव में अब का रह गईल बा?
गाँव में अब का रह गईल बा? जे रहsता उहे जानी
कम दुर्दसा गाँव के नइखे इ रौउआ सभे मानी !!
अस्पतालन के उजडल छपर, टूटल...
वीर के मिजाज
रहे मिजाज वीर के अइसन जहर के प्याला पी गइल
तवनो पर कवनो मलाल ना, मरते-मरते जी गइल।
शिवशंकर सुकरात बनीं त, इल्म जीए के आ...
हमनी के नस में ना बचल अब खून
हमनी के नस में ना बचल अब खून
नसे नसे देहिया में बहत अब पानी बा
चुहेड़ा चुहेड़ी बनी एने ओने भटकत
भारत के...
सोचत बानी तोहसे बलमु
सोचत बानी तोहसे बलमु .नेहिया लगाय के
छोड़ मत दीहा हमके .. पिरितिया बढाई के !
तोहरे बीना ए बलमु.. जी न सकिला अब हम
चल मत...
जब तक बारी बा उमरिया
जब तक बारी बा उमरिया
त बाबा के नगरिया बानी ये राम
ससुरा से आयी जब खबरिया
त माई के दुअरिया छुटी ये राम
एक दिन हमरो सावरिया
लेईके...
गंगा माई के उँची अररिया
गंगा माई के उँची अररिया तिरियवा एक रोवेली होँ,
ए गंगा मइया अपने लहर मोहे देतु त हम धँसि मरति हो,
किया तोरा ए तिरिया नइहर...
केहू करे सिंगार बइठ के केहू करे बेगार
केहू करे सिंगार बइठ के केहू करे बेगार
करीं शिकायत केकरा से ई दुनिया के व्यवहार।
जेकर नसीब में जे लिखल बा उ ओकरा मिल जाई
अपना...
गोरिया चाँद के अंजोरिया नियन गोर बारू हो
गोरिया चाँद के अंजोरिया नियन गोर बारू हो
तोहार जोर केहू नईखे बेजोर बारू हो...
तोहार ओठ चटकर बा गुलाबी नियन
गाल उगल बा नैना शराबी नियन
गोरी...
बटोही बढत चलs
जिनगी हs अभियान बटोही बढ़त चलs।
पोथी हs परधान ध्यान से पढ़त चलs।।
डगरी के हर डेग-डेग डरवावन बा
लोभ लाभ के लफड़ा बड़ा लुभावन बा
होत परीछा...
बाबा रंगबाज आ लंठ
बाबा - बाबुजी के बाबुजी, बाबा कहाले , आ पुजा पाठ करावे वाला पंडी जी के कतहु कतहु लोग बाबाजी कहेला , कई हाली...
जब बहे ला पवन पुरवाई
जब बहे ला पवन पुरवाई
लेबे अमवा के पेड़ अंगडाई.......
झूमे धईके अंखवरिया हो
मोर खेतवा बघरिया हो .......
गउआ के लोग बाड़ा लागे पयार पयार
होखेला बात ईहवा...
पियेले शराब गाँजा ताड़ी हमार पिया
पियेले शराब गाँजा ताड़ी हमार पिया मिलले जुवाड़ी-२
तिलक मे बाबुजी जवन जवन दिहलन,
गरदन के हार बेच शराब गाँजा पियलन,
बन्हकी धराईल हुंडा गाड़ी हमार पिया...
बैठल रोवेली गुजरिया हो
बैठल रोवेली गुजरिया हो ,
चुनरिया में दाग लग गईल ,
कइसे जाई पीया के नगरिया हो ,
चुनरिया में दाग लग गईल ,
आइल बा गवना के...
पिया जबसे भइलें परदेसिया
पिया जबसे भइलें परदेसिया
भेजेंलें नाही कवनो संदेसिया
दुखवा सहाला नाही जीअल पहाड़ भइल!
सवतिन जिनिगिया कइसन हमार भइल!!.......२
अंखियाँ में छाइल काली बदरिया...
पंद्रह अगस्त आ रहल बा
पंद्रह अगस्त आ रहल बा। चारू ओर एकर तइयारी जोर-सोर से सुरु हो गइल बा। पर इ देस के दुर्भाग्य बा की हमनी जान...
उ धइले जोगी के भेष त
उ धइले जोगी के भेष त पलंगीया पे ललकी चदरीया का होई,
जब नयनवा बरसे बारहो पहरीया त सावन के बदिरया का होई,
सुख मे सोचले...


