बिआह
बिआह के नाम सुनते जहां मन गद गद हो जाला, उंहवे बिआह कटवा के नाम सुनते जिऊ जर जाला. बाकी बिआह आ बिआहकटवा दूनो...
आजुओ सावन कजराइल
आजुओ सावन कजराइल,
कदमवाँ फुलाइल हो रामा...श्याम नाहीं आइल
श्याम नाहीं गोकुल आइल हो रामा...श्याम नाहीं...
आजुओ चनरमा वृंदावन आवे
पंचम तान कोइलिया सुनावे
मथुरा मुरलिया पराइल हो रामा...श्याम...
फेरु बयरिया डोले लागी – श्रद्धानन्द पाण्डेय
फेरु बयरिया डोले लागी !
फेरु भले अॅधियार गइल बा,
दुर्वह मन के भार भइल बा ;
जँहवाँ ले लउकत बाटे
करिया सगरे संसार भइल बा।
लाल किरिनिया झाँकी,...
हमेशा रहल नेह दियना बुताइल
हमेशा रहल नेह दियना बुताइल,
जिनिगिया ई अबले अन्हारे में बीतल।
हिया में रहल पीर अँखियनि में पानी,
न जियरा के केहू सकल सुनि कहानी,
न ओठनि प...
भोजपुरी लघु कथा “वसीयतनामा”
हकासल, पिआसल, हैरान, परसान, डेराइल, घबराइल, रोवत आ बदहवास पूनम एगारहवाँ तल्लता के फ्लैट नंबर 111 के बाहरे से भागत सीढी से दउरत बारहवाँ...
आप भी कहिये जोगीरा सा रा रारा
आप भी कहिये जोगीरा सा रा रारा और फ़िर देखिये होली का मज़ा
एक तरफ़ हैं चाँद पर, इंसानों के पाँव,
और इधर अंधेर में, सदियों...
होली के जोगीरा…
एजी का हाल बा ?
अरे हाल मत पूछऽ. बड़ा बुरा हाल बा. जब से चढ़ल ई फागुन, मन में एकही सवाल बा. तू कब...
जोगीरा सा रार रा रा रा रा…
नेताजी जी घर से निकलने , पब्लिक कैलस पीछा,
मुह देखावे केसे ,एहसे मूडी कैलन नीचा.
रंग ता उनकर गोर रहल, आ नियत पूरा करिया ,
जनता...
जोगिरा सा रा रा रा…
कवन देश का राजा अच्छा कवन देश की रानी
कवन देश का राजा अच्छा कवन देश की रानी
कवन देश का खाना अच्छा कवन...
जोगीरा: भोजपुरी होली गीत
जोगीरा स र र स र र स र र स र र
गोरे गोरे गाल गुलाबी गोरे गोरे गाल। हो गोरी
आँख नशीली कमर पतीली...
जोगीरा
१.
दानापुर दरियाव किनारा, गोलघर निशानी
लाट साहेब ने किला बनाया, क्या गंगा जल पानी
जोगी जी वाह वाह, जोगी जी सार रा रा।
दिल्ली देखो ढाका देखो,...
हम रोज निहारीला रहिया
हम रोज निहारीला रहिया हम रोज बहारीला अँगना,
जब-जब भी बयरिया सँसरेले अचके में खनखि जाला कँगना।
तस्वीर बना के हृदया में दुनिया से छिपा रखले...
किरिनियाँ कले-कले कहाँ चलि जाले?
सारी सोनहुली सबेर झमका के,
सँवकेरे रूप के अँजोर छिटिका के,
जाये का बेर ढेर का अगुताले-
किरिनियाँ कले-कले कहाँ चलि जाले?
चलत-चलत बीच रहिया में हारल,
दुपहरिया तेज...
अन्न घुनाइल खाँखरा, फटक उड़ावे सूप
अन्न घुनाइल खाँखरा, फटक उड़ावे सूप ।
अवगुन कौड़ा तब मिटे, बनीं सूप अनुरूप।।
सोना-सोना जे रटे, निनिआ भइल हराम।
मेहनत मोती जे लुटे, सुख से करे...
देस हमार
पहिल जोति फूटे पूरुब से, भइल जगत उजियार
बजे भैरवी किरन बेनु पंछी के बजे सितार
माथ चढ़ावे किरन बेनु पंछी के बजे सितार
माथ चढ़ावे चरन...
नाव खुले माँझी रे
पंछी चहके डेरात, कुनमुनात र्छवरा बा,
फुलवा महके डेरात, गुनगुनात भँवरा बा,
कुलबुलात भोर लुका, कुहरा के पहरा बा,
कुहा खुल माँझी रे, नाव खुल होसियार,
धार, लहर,...
केतना कदम के डार हम रहनी अगोर के
केतना कदम के डार हम रहनी अगोर के
तबहूँ तोहार बाँसुरी बाजल न भोर के
कब तक घिरल अन्हार में कलपत रही करेज
कब तक सनेह के...
बुद्धायन
बन्दौ शाक्य कुमार, जाहि जन्म संवाद सुनि।
उमड़ल हर्ष अपार, शुद्धोदन सम्राट उर ॥ 1 ॥
कीन्ह दान परमार्थ, अन्न, वस्त्र, धन, सोमरस।
नामकरण सिद्धार्थ, गौतम घर-परिवार...
आदमी
आदमी के हाथ में जब नाथ बाटे
तब कवन चिंता प्रलय के साथ बाटे।
उठ रहल आवाज-’’अब त हाथ रोक
गोड़ में विज्ञान के अब कील ठोक
ना...
कुहुकि-कुहुकि कुहकावे कोइलिया
कुहुकि-कुहुकि कुहकावे कोइलिया,
कुहुकि-कुहुकि कुहुकावे।।
पतझड़ आइल, उजड़ल बगिया,
मधु ऋतु में टुसिआइल फुलुंगिया।
इन हरियर-हरियर पलइन में,
सुतल सनेहिया जगावे कोइलिया।। कुहुकि.....।।
खिसिकल मधु-ऋतु, उठल बजरिया,
चुवल कोंच, झर गइल...
















