कहनी गढ़त मनई
कहनी गढ़त मनई
छरका से सार ले दुआर
घूरे तक बहारत,
झंखत
जिनगी में लागल उढुक से
उठ के संभरे में ढमिलात
हिरिस से मातल मनई |
गुरखुल के दरद
बंहटियावत
नादी में...
अब कइसे बबुआ नमाज पढ़े जइहें
अइसन भइल चीर-फार
मिटी गइल आर - पार
अब कइसे बबुआ नमाज पढ़े जइहें ||
टभकेले रोज रोज मन के दरदिया
बाबा के नावें से लागे सरदिया
सपनों में...
डॉ गोरख मस्ताना के एगो ग़ज़ल – उजियार
रात अन्हरिया, दिया जराईं, डगर डगर उजियार करीं
बहुत सरहनीं महल के रउआ, अब मडई से प्यार करीं
सागर के पानी ह खारा, एह में...
सुजीत सिंह के लिखल तीन गो भोजपुरी गीत
मेडल लेवे में आगारी
बेईमान,मक्कार,चोर,झूठा,घुंसखोर आउर लमहर भ्रष्टाचारी बा,
लेकिन महानता आ समाजिकता के मेडल लेवे में आगारी बा।
आज ले जेकरा से केहू के कवनो भलाई...
गांधी जी …
आइल रहस गांधी जी भारत में संत बन के
उनके परिश्रम से मुक्ति मिलल गोरन से
विगुल बाजल आजादी के सहर आ गांवे-गांव
केतना देले कुरबानी भइल...
हम बुझिले
हम देखिले
हम सुनीले
हम बुझिले
हम समझिले,
आपन गउँआ, आपन नगरिया
लोगवा काहे छोड़$ता,
सहर से नाता जोड़त जोड़त
अंगना काहे भोरऽता।
हम सहिले
हम भोगीले
हम जीहिले
हम मरीले,
समय बेचके पइसा खातिर्
घर छोड़के...
भोजपुरी लघु कथा : ससुरारी – चन्दन कुमार सिंह
नया पायेट-सर्ट, सेंट गमकउआ, काँधे पर गमछा बाबाधाम आला, गोर में चमड़उआ जूता अउर मुँह में पान चबात, पिच-पिच थूकत जब झुना भाईवा घर...
सुधर जा पड़ोसी – भोजपुरी गीत
बहुत हो गइल अब तS पड़ोसी
सुधर जा सुधर जा सुधर जा हो....
तंग कर ना जन हमके बेसी
सुधर जा सुधर जा सुधर जा हो....
कर...
भोजपुरी लघुकथा एक कटोरी भात
माई के तेयाग तपस्या होला ओकरा के लिखल समझल भा बुझल बढ़ा भरी काम हा। ना जानी केतना किताब पर किताब लिखाइल होई। नव...
हरिजन एक्ट
"का रे भगेलुआ, बाज़ारे चलबे" दीना पण्डित कहले,
सांझ के 4 बजे के बात ह, हाथ मे झोरा लेहले, दीना पाणे, बाजार करे निकलले त,...
पतोह का निबाही
का ए बूढा
काहें चिचियात बाडू
हाली काहे ना
ओरात बाडू
तोहार सेवा कईल
पहाड़ भईल
कवनो काम काज करहीं के नइखे
भर दिन नाट फार के गोहरावा
केहू ना सुनी /तोहर...
छनही तोला, छनही माशा
कइसन कइसन चलल तमाशा
छनही तोला, छनही माशा ||
अगराइल लीहले उ तिरंगा
दिल करिया बारे मन न चंगा...
आखिर केतना
हंसी हंसी कबले केतना बात सही हमनी
दुनिया के एकतरफा घाट सही हमनी
सहकल बहकल लोगवा के बा सह पर सह
आखिर कबलें केतना मात...
डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना के भोजपुरी गीत ‘तीत मीठ’
केहू से हम तीत मीठ बतियाई काहे
बिना कान से सुनले पतियाई काहे
झूठ साँच के खेल हवे आगी जइसन
बेमतलब के आपन हाथ जराई...
छपरा दहात बा
गिरत नइखे बुनी फसल सुखात बा,
गंगा जी के पानी से छपरा दहात बा।
राहत आ बचाव कार्य फाइले में जारी बा,
प्रशासनिक व्यवस्था कहे लोग भारी...
भाषायों में दलित भाषा : भोजपुरी भाषा
हमार ई शीर्षक हो सकेला केहू-केहू का ना पचे। लेकिन तनि ध्यान देहला पर जरूर बुझाई कि आजुओ ले भोजपुरिया लोगन के प्रति सवर्ण...
भोजपुरीया बानी हमनी के
भोजपुरिया बानी हमनी के,
बता दी ई बात सभनी के।
राजेन्द्र प्रसाद शान हउवें,
रखले बीर कुंवर सिंह मान हउवें,
जय प्रकाश नारायण जान हउवें।
भोजपुरिया बानी हमनी के,
बता...
शहर पूरा नाया था
एक साल हो गया गाँव छोर के गाया था,
मानता हूँ हमरा खातिर शहर पूरा नाया था।
हिन्दी ना आता था भोजपुरीए बोलाता था,
किसी से बात...
महकता
महकता हीरो,गीतकार आ गवइया लोग,
बडुवे घिनाइल सुनेवाला देखवइया लोग।
कके अदाकारी शान भाषा के बढ़ाव तारें,
रफ टफ हॉट सिन ओपेन फिल्माव तारें।
लिखतारें गजबे कहानी ...
माई तोर चूनर लहराइलऽ
ओ झीना झीना उड़ल अबीर गुलाल
माई तोर चूनर लहराइलऽ
रंग तहरा रीत केऽ, रंग तहरा प्रीत केऽ,
रंग तहरा जीत केऽ ले आइलऽ...














