भोजपुरी साहित्य

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जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

कहनी गढ़त मनई

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कहनी गढ़त मनई छरका से सार ले दुआर घूरे तक बहारत, झंखत जिनगी में लागल उढुक से उठ के संभरे में ढमिलात हिरिस से मातल मनई | गुरखुल के दरद बंहटियावत नादी में...
जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

अब कइसे बबुआ नमाज पढ़े जइहें

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अइसन भइल चीर-फार मिटी गइल आर - पार अब कइसे बबुआ नमाज पढ़े जइहें || टभकेले रोज रोज मन के दरदिया बाबा के नावें से लागे सरदिया सपनों में...
jindgi pahad ho gail

डॉ गोरख मस्ताना के एगो ग़ज़ल – उजियार

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रात अन्हरिया, दिया जराईं, डगर डगर उजियार करीं बहुत सरहनीं महल के रउआ, अब मडई से प्यार करीं सागर के पानी ह खारा, एह में...
Sujit singh

सुजीत सिंह के लिखल तीन गो भोजपुरी गीत

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मेडल लेवे में आगारी बेईमान,मक्कार,चोर,झूठा,घुंसखोर आउर लमहर भ्रष्टाचारी बा, लेकिन महानता आ समाजिकता के मेडल लेवे में आगारी बा। आज ले जेकरा से केहू के कवनो भलाई...
लाल बिहारी लाल जी

गांधी जी …

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आइल रहस गांधी जी भारत में संत बन के उनके परिश्रम से मुक्ति मिलल गोरन से विगुल बाजल आजादी के सहर आ गांवे-गांव केतना देले कुरबानी भइल...
Aditya prakash anokha

हम बुझिले

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हम देखिले हम सुनीले हम बुझिले हम समझिले, आपन गउँआ, आपन नगरिया लोगवा काहे छोड़$ता, सहर से नाता जोड़त जोड़त अंगना काहे भोरऽता। हम सहिले हम भोगीले हम जीहिले हम मरीले, समय बेचके पइसा खातिर् घर छोड़के...
chandan kumar singh

भोजपुरी लघु कथा : ससुरारी – चन्दन कुमार सिंह

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नया पायेट-सर्ट, सेंट गमकउआ, काँधे पर गमछा बाबाधाम आला, गोर में चमड़उआ जूता अउर मुँह में पान चबात, पिच-पिच थूकत जब झुना भाईवा घर...
सुधर जा पड़ोसी : लाल बिहारी लाल

सुधर जा पड़ोसी – भोजपुरी गीत

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बहुत हो गइल अब तS पड़ोसी सुधर जा सुधर जा सुधर जा हो.... तंग कर ना जन हमके बेसी सुधर जा सुधर जा सुधर जा हो.... कर...
डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना जी

भोजपुरी लघुकथा एक कटोरी भात

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माई के तेयाग तपस्या होला ओकरा के लिखल समझल भा बुझल बढ़ा भरी काम हा। ना जानी केतना किताब पर किताब लिखाइल होई। नव...
सुधीर पाण्डेय

हरिजन एक्ट

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"का रे भगेलुआ, बाज़ारे चलबे" दीना पण्डित कहले, सांझ के 4 बजे के बात ह, हाथ मे झोरा लेहले, दीना पाणे, बाजार करे निकलले त,...
जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

पतोह का निबाही

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का ए बूढा काहें चिचियात बाडू हाली काहे ना ओरात बाडू तोहार सेवा कईल पहाड़ भईल कवनो काम काज करहीं के नइखे भर दिन नाट फार के गोहरावा केहू ना सुनी /तोहर...
जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

छनही तोला, छनही माशा

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कइसन कइसन चलल तमाशा छनही तोला, छनही माशा || अगराइल लीहले उ तिरंगा दिल करिया बारे मन न चंगा...
आखिर केतना: डा. गोरख प्रसाद मस्ताना

आखिर केतना

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हंसी हंसी कबले केतना बात सही हमनी दुनिया के एकतरफा घाट सही हमनी सहकल बहकल लोगवा के बा सह पर सह आखिर कबलें केतना मात...
डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना जी

डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना के भोजपुरी गीत ‘तीत मीठ’

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केहू से हम तीत मीठ बतियाई काहे बिना कान से सुनले पतियाई काहे झूठ साँच के खेल हवे आगी जइसन बेमतलब के आपन हाथ जराई...
Sujit singh

छपरा दहात बा

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गिरत नइखे बुनी फसल सुखात बा, गंगा जी के पानी से छपरा दहात बा। राहत आ बचाव कार्य फाइले में जारी बा, प्रशासनिक व्यवस्था कहे लोग भारी...
Bhojpuri bhasha

भाषायों में दलित भाषा : भोजपुरी भाषा

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हमार ई शीर्षक हो सकेला केहू-केहू का ना पचे। लेकिन तनि ध्यान देहला पर जरूर बुझाई कि आजुओ ले भोजपुरिया लोगन के प्रति सवर्ण...
Aditya prakash anokha

भोजपुरीया बानी हमनी के

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भोजपुरिया बानी हमनी के, बता दी ई बात सभनी के। राजेन्द्र प्रसाद शान हउवें, रखले बीर कुंवर सिंह मान हउवें, जय प्रकाश नारायण जान हउवें। भोजपुरिया बानी हमनी के, बता...
Sujit singh

शहर पूरा नाया था

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एक साल हो गया गाँव छोर के गाया था, मानता हूँ हमरा खातिर शहर पूरा नाया था। हिन्दी ना आता था भोजपुरीए बोलाता था, किसी से बात...
Sujit singh

महकता

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महकता हीरो,गीतकार आ गवइया लोग, बडुवे घिनाइल सुनेवाला देखवइया लोग। कके अदाकारी शान भाषा के बढ़ाव तारें, रफ टफ हॉट सिन ओपेन फिल्माव तारें। लिखतारें गजबे कहानी ...
चन्दन कुमार सिंह

माई तोर चूनर लहराइलऽ

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ओ झीना झीना उड़ल अबीर गुलाल माई तोर चूनर लहराइलऽ रंग तहरा रीत केऽ, रंग तहरा प्रीत केऽ, रंग तहरा जीत केऽ ले आइलऽ...