भोजपुरी साहित्य

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विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघुकथा रहमत के रमजान

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ज्येष्ठ के आधा महीना बीतला के बाद रमजान के पहिलका अज़ान भइल।अभी ब्रम्हबेला के सुरुआत होत रहे. सब कोई अपना अपना छत पे सुतल...
अभियंता सौरभ भोजपुरिया जी

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता तोहार शहर से अच्छा मोरा गाँव

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तोहार शहर से अच्छा मोरा गाँव $$$ तोहर शहर से अच्छा मोरा गांव $$ बा कुईया के ठंढा पानी 2 अउर पिपरा के छाव बा तोहार शहर...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता हम भोजपुरीया

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दुखवा कलेसवा में हिमत ना हारीला, सुखवा में कबो ना धाधाईं भोजपुरीया। सभके हो सुख चैन इहे हम मनाईला, दोसरा के दुख के संघाती भोजपुरीया। महला दुमहला के...
अभियंता सौरभ भोजपुरिया जी

सौरभ कुमार जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता आ गीत

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प्यार ना करती जानती की तू बेवफा बनबू ता प्यार ना करती दिल के धड़कन ना बनाईती ताहरा पर ना मरती हमरा मन के चमन में बसल...
अभियंता सौरभ भोजपुरिया जी

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता रे माई

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तोहरा से मिलल ई सास तोहरे से मिलल ई जीवन रे माई, तोहरे से ई सब रिश्ता तोहरे से जुडल ई तन-मन रे माई, दुनिया ता...
अभियंता सौरभ भोजपुरिया जी

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता बेटी

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तुही ता हमार ताकत होउ ये माई हमरा के कोखिये में मत मारा ये माई आइब एह दुनिया में तोहर नाम रौशन करब दुःख दर्द सहब केहू...
विवेक सिंह जी

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार

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जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार, जोना में जान त बा बाकिर बेजान बा बिहार।। भोजपुरी भोजपूरी सब चिल्लाता, कहा से मिली भोजपुरी के मान्यता।। जे ज्यादा पढ़त...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कहानी बंसी के बगईचा

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आसमान के असमानी रंग पर मटिया रंग के गर्दा चढ़ गईल रहे। लागत रहे कि आज ही कालदेव आपन बरसो के भूख मिटावे खातिर...

शशिकान्त पाण्डेय जी के लिखल चार गो भोजपुरी कविता

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रोज रोइला चिल्ला के करीबी ह सुन के दहाड़ के बाकी हम का करि हो समझ ना पाई छुपल हरकतवा के रिश्ता के...
विबेक कुमार पांडेय

विबेक कुमार पांडेय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता

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हम ना जननी कि अइसन जुटान होइहें माई भाखा में गंगा असनान होइहें सभ चेहरा खिलल बा रंगे प्यार से सभे गले मिल रहल बा दिली...
डॉ. हरेश्वर राय जी

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

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लइकन सबके कविता पढ़ावल जरूरी बा पथराइल आँखन में गंगा बहावल जरूरी बा दिलन के दरार के दूरी मिटावल जरूरी बा I परदा के पीछे...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत यार का रहे प्यार का रहे

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एगो नाया पति पत्नी के गवना भईल रहे। एकदिन आपसे में देवर भाई आ भउजाई कइसे मजाक में एक दोसरा से बात करता लोग...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल तीन जो भोजपुरी गीत

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बिरह के आग आस धरा के गईलअ सजना, अईलअ ना कबो पास मे! केतना सावन बित गईल, साजन तहरा याद मे! रोए चूरी कंगना, सुख गईल केशिया...
तारकेश्वर राय जी

तारकेश्वर राय जी के लिखल तू कलाकार बिघना, हमहू कलाकार

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कलाकारी से हमरा नियर इंसान तू गढ़ल | इंसान के गढ़ गढ़ तू सृष्टि में आगे बढ़ल || बिघना के इ कलाकारी देखी | नर मादा के...
संजय कुमार मौर्य जी

संजय कुमार मौर्य जी के लिखल चार गो भोजपुरी कविता

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ईमान सबका लगे ईमान सबका लगे ओरा गइल बा लाज कवनों ठंइया हेरा गइल बा अब केहूए त झण्डा उठइबे करी अनीति से करेजवा पीरा गइल बा ई देश,...
जगदीश खेतान जी

जगदीश खेतान जी के लिखल भोजपुरी कहानी इंसानियत

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घड़ी के एलारम बाजे लागल। हम हड़बड़ा के उठलीं आ बइठ गइलीं। आजे हमार बी.काम के फाइनल परीक्षा खतम भइल रहे।परीक्षा समाप्त होते भर...
देवेन्द्र कुमार राय जी

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

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भोजपुरी गीत सईंया रंगबाज बनि के घुमत चले सईंयाजी हमार रंगबाज हो, खोरी में लसारि दिहले कुलवा के लाज हो।टेक। नाच देखे घुमत...
डॉ. हरेश्वर राय जी

डॉ. हरेश्वर राय जी के कुछ बेहतरीन भोजपुरी रचना

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काहे मारेल मुसुकिया तू अइसन जनमार काहे मारेल मुसुकिया तू अइसन जनमार कइल हियरा में हमरा दरारे-दरार I मिलब त तोहके बताइब संघतिया मुंहवा में तहरा लगाइब भभूतिया तहरा...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी लघुकथा ललका रंग

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फागुन के महीना मे चरो ओर उमंग के लहर दऊरे ला, हर कोई मस्ती के रंग मे रंगल नजर आवेला ! चाहे ऊ इंसान होखे...
विवेक सिंह जी

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कविता नारी सम्मान

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शक्ती के स्वरूप से, नारी के पत्वारी बा! एकरा के कमजोर मत समझअ, ई देश-दुनिय पे भारी बा! सब के हित मे सोचे, ई नारी के शुबिचारी बा! जे ममता...